नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi और जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। शिखर वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने भारत-जापान की विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रेस वार्ता की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची को अपनी “छोटी बहन” कहकर संबोधित किया। उन्होंने तकाइची की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच तकनीकी सहयोग भविष्य की साझेदारी का सबसे मजबूत आधार बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने कहा कि जापान की प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का मेल वैश्विक एआई विकास को नई गति देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच दशकों पुराना भरोसा और सहयोग ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा अन्य क्षेत्रों में लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री तकाइची की यात्रा से दोनों देशों की स्पेशल स्ट्रेटजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप का नया अध्याय शुरू होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं और दोनों देशों की साझा प्राथमिकता एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का निर्माण है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रक्षा क्षेत्र में भारत और जापान के पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर भी समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
