नई दिल्ली: चर्चित हनीमून मर्डर केस में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। राज्य सरकार ने मेघालय हाईकोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
मई 2025 में सामने आए इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत आदेश को चुनौती दी है। उन्होंने अदालत से मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि जमानत केवल गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कथित त्रुटि के आधार पर दी गई है। उनका यह भी कहना है कि गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधान की व्याख्या टाइपिंग की एक त्रुटि के कारण प्रभावित हुई थी।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 12 मई 2025 को शादी के बाद हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए थे। कुछ दिनों बाद उनका किराए का स्कूटर लावारिस मिला और 2 जून को राजा रघुवंशी का शव ईस्ट खासी हिल्स जिले के वेसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद किया गया।
सोनम रघुवंशी बाद में उत्तर प्रदेश में मिली। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने आरोप लगाया कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस 700 से अधिक पन्नों की चार्जशीट भी अदालत में दाखिल कर चुकी है।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रहेगी या उसे फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।
