Villagers Demand Road Connectivity After Decades Of Neglect
उज्जैन। विकास के दावों के बीच उज्जैन जिले के कई गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और जल्द सड़क निर्माण की मांग की।
मजराखेड़ा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि मजराखेड़ा को काठबड़ौदा, मालखेड़ा, खजुरिया, रंथनबेंडी और बनासरी जैसे गांवों से जोड़ने वाला मार्ग आज तक नहीं बन पाया है। सड़क के अभाव में हजारों ग्रामीणों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है। स्कूली बच्चों को पढ़ाई के लिए, किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने के लिए और मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने सड़क निर्माण की मांग रखी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि आजादी के 79 साल बाद भी क्षेत्र के लोग पक्की सड़क की सुविधा का इंतजार कर रहे हैं।
समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित मार्ग का सर्वे कराने और जल्द सड़क निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ग्रामीणों का मानना है कि सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। यदि यह मांग पूरी होती है तो पूरे इलाके के विकास को नई दिशा मिलेगी और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा।
