Netanyahu Warns Amid Ceasefire: “Finger on the Trigger,” Ready to Resume War
अमेरिका: और ईरान के बीच हुए अस्थायी युद्धविराम के बावजूद इजरायल ने सख्त रुख अपनाया है। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कहा है कि जरूरत पड़ने पर उनका देश फिर से युद्ध में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नेतन्याहू ने बुधवार को बयान देते हुए कहा कि छह हफ्तों तक चले संघर्ष में इजरायल ने कई अहम लक्ष्य हासिल किए हैं और अब वह पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ लक्ष्य अभी बाकी हैं और उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा—चाहे समझौते के जरिए या फिर दोबारा सैन्य कार्रवाई करके।
ट्रंप द्वारा घोषित युद्धविराम के बाद पहली प्रेस ब्रीफिंग में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल किसी भी समय लड़ाई में लौट सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की ताकत को कमजोर कर दिया है और मौजूदा समय में ईरान पहले से ज्यादा कमजोर स्थिति में है।
इस दौरान नेतन्याहू ने विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि युद्धविराम को लेकर अमेरिका के साथ पूरा तालमेल था और इसमें किसी तरह की कोई असहमति नहीं थी।
वहीं, विपक्षी नेता Yair Lapid ने इस सीजफायर को इजरायल के लिए राजनयिक असफलता बताया और सरकार पर लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि इजरायल ने ईरान की मिसाइल क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिससे वह नई मिसाइलें बनाने में सक्षम नहीं रह गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी बड़ा झटका दिया गया है।
फिलहाल, इस बयान के बाद क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
