Agra: ‘Goonda Tax’ Being Collected at Bijli Ghar Crossing, Code Words Written on Auto Roofs Instead of Receipts
आगरा। ताजनगरी के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार बिजली घर चौराहा इन दिनों अवैध उगाही का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां सरेआम ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से ‘सुविधा शुल्क’ के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले की जानकारी क्षेत्रीय थाना, ट्रैफिक पुलिस और रक्षा संपदा विभाग के अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अवैध वसूली का तरीका भी चौंकाने वाला है। वसूली करने वाले व्यक्ति चालकों से ₹20 से ₹30 तक वसूलते हैं, लेकिन इसके बदले कोई आधिकारिक रसीद नहीं दी जाती। इसके स्थान पर ऑटो या ई-रिक्शा की छत पर विशेष संकेत या अक्षर लिख दिए जाते हैं। इन ‘कोड वर्ड’ का अर्थ होता है कि संबंधित चालक से पैसा वसूला जा चुका है और उसे सवारी भरने की अनुमति है।
नियमानुसार छावनी पार्किंग की रसीद ₹50 की होती है, लेकिन चालकों को रसीद तक नहीं दी जाती। बीच सड़क पर खड़े वाहनों से वसूली के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। यही स्थिति सेवला चौराहा पर भी देखने को मिल रही है, जहां अवैध वसूली का धंधा खुलेआम जारी है।
स्थानीय लोगों और चालकों का आरोप है कि पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों को पूरी जानकारी होने के बावजूद वसूली करने वाले बेखौफ घूम रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस संगठित उगाही में जिम्मेदार लोगों की मौन सहमति शामिल है।
