16-Year-Old Boy Drowns At Ghoghra Waterfall, Safety Concerns Resurface
सौसर। प्राकृतिक सौंदर्य और मनमोहक जलप्रपातों के लिए प्रसिद्ध घोघरा वॉटरफॉल एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। शनिवार सुबह यहाँ नहाने के दौरान एक 16 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने न केवल मृतक के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि घोघरा वॉटरफॉल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान सोमकांत पिता संतोष विश्वकर्मा (16 वर्ष) निवासी गल्ला गोदाम के पीछे, जिला सिवनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोमकांत अपने मित्रों के साथ प्रसिद्ध चमत्कारिक जाम सांवली हनुमान मंदिर में दर्शन करने आया था। दर्शन के बाद सभी साथी घूमने और पिकनिक मनाने के उद्देश्य से घोघरा वॉटरफॉल पहुंचे। इसी दौरान नहाते समय सोमकांत अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते पानी में समा गया। साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। काफी मशक्कत के बाद किशोर को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वर्षों से हादसों का केंद्र बना हुआ है घोघरा वॉटरफॉल
घोघरा वॉटरफॉल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों और झरनों के कारण दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करता है। विशेषकर बरसात और गर्मी के मौसम में यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचते हैं। लेकिन सुंदरता के पीछे छिपा खतरा अक्सर लोगों की जान पर भारी पड़ जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई वर्षों में यहाँ डूबने और फिसलने की अनेक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। हर वर्ष पर्यटक, विशेषकर युवा और किशोर, रोमांच के चक्कर में गहरे पानी में उतर जाते हैं और हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता।
सुरक्षा इंतजामों का अभाव बना चिंता का विषय
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि घोघरा वॉटरफॉल में सुरक्षा व्यवस्था लगभग भगवान भरोसे है। यहाँ न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही खतरनाक एवं गहरे क्षेत्रों को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया गया है। कई स्थानों पर पानी की गहराई का भी कोई उल्लेख नहीं है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि पर्यटकों की भारी भीड़ के बावजूद यहाँ स्थायी रूप से न तो सुरक्षा गार्ड तैनात हैं और न ही प्रशिक्षित गोताखोर उपलब्ध रहते हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य प्रभावित होता है, जिससे हादसे गंभीर रूप ले लेते हैं।
प्रशासन से उठी ठोस कार्रवाई की मांग
इस दुखद घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से घोघरा वॉटरफॉल में व्यापक सुरक्षा प्रबंध करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, सुरक्षा कर्मी, सीसीटीवी निगरानी और गोताखोरों की व्यवस्था की जाती तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
नागरिकों ने यह भी मांग की है कि बरसात और अधिक जलभराव की स्थिति में खतरनाक क्षेत्रों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए तथा पर्यटकों को सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सोमकांत विश्वकर्मा की असमय मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। जाम सांवली दर्शन और घूमने के उद्देश्य से निकला किशोर अब कभी घर नहीं लौटेगा। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर थोड़ी सी लापरवाही भी जीवन भर का दुख दे सकती है।
