US Warships Pass Through Strait of Hormuz, Trump’s Move Signals Strategic Shift
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाया है। United States के दो युद्धपोत, ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार Strait of Hormuz से सुरक्षित गुजर गए हैं। इस घटनाक्रम को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये दोनों गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज बिना किसी बाधा के इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से निकल गए। खास बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन के लिए Iran के साथ किसी तरह का समन्वय नहीं किया गया था।
इस बीच Donald Trump ने बयान देते हुए कहा कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘साफ’ करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। उन्होंने इसे चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों के हित में उठाया गया कदम बताया।
क्या है होर्मुज की अहमियत?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई होती है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद यह रास्ता लगभग बाधित हो गया था, जिससे वैश्विक बाजारों में ऊर्जा संकट गहराने लगा।
हालांकि हाल ही में हुए अस्थायी युद्धविराम के बाद इस मार्ग को दोबारा खोलने की बात कही गई थी, लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
ईरान की चुनौती बनी हुई
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस संघर्ष में ‘पीछे हट रहा है’, लेकिन साथ ही यह भी माना कि समुद्र में बिछाई गई ईरानी बारूदी सुरंगें अब भी बड़ा खतरा बनी हुई हैं। उनके अनुसार, जहाजों के लिए सबसे बड़ा जोखिम इन सुरंगों से टकराने का है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह भरोसा नहीं बनता, तब तक यहां से जहाजों की आवाजाही सामान्य स्तर पर लौटना मुश्किल रहेगा।
पाकिस्तान में जारी है बातचीत
इसी बीच United States और Iran के बीच पाकिस्तान में बातचीत भी शुरू हो चुकी है, जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना है। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बनी हुई है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
ट्रंप ने एक और बयान में कहा कि दुनिया भर से खाली तेल टैंकर अमेरिका की ओर आ रहे हैं, ताकि वहां से तेल की खरीद की जा सके। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी और बढ़ती गतिविधियां आने वाले समय में क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति की दिशा तय कर सकती हैं।
