वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा की गई एआई (AI) से तैयार तस्वीरों ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। तस्वीरों में ट्रंप को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का नेतृत्व करते और ईरान से जुड़े ठिकानों पर हमले के प्रतीकात्मक दृश्य दिखाए गए हैं।
एक तस्वीर में ट्रंप अमेरिकी झंडे के साथ एक तेल टैंकर पर खड़े दिखाई देते हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में लड़ाकू विमान ईरान के खार्ग ऑयल टर्मिनल जैसे दिखने वाले इलाके पर बमबारी करते नजर आते हैं। इन तस्वीरों के साथ ट्रंप ने खुद को “दुनिया का रक्षक” बताया है।
इन पोस्ट्स का समय भी अहम माना जा रहा है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने और बातचीत की संभावनाओं की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में ट्रंप की इन एआई तस्वीरों को लेकर राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अब तक अमेरिका की ओर से किसी नए सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, इसलिए इन तस्वीरों को संभावित कार्रवाई की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये पोस्ट ईरान पर अमेरिकी दबाव बनाए रखने का राजनीतिक संदेश हो सकती हैं। साथ ही, इनसे यह संकेत भी मिल सकता है कि अमेरिका क्षेत्र में अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखना चाहता है।
इस बीच ट्रंप ने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के कारण अमेरिका के हथियारों का भंडार कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास जरूरत से कहीं अधिक गोला-बारूद मौजूद है और हथियारों की कमी अमेरिका में नहीं, बल्कि ईरान में है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी अभियानों से ईरान के मिसाइल ढांचे और लॉन्च साइट्स को काफी नुकसान पहुंचा है।
वहीं, दूसरी ओर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के संचालन को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। ईरान इस क्षेत्र में सेवा शुल्क लागू करने की मांग पर कायम है, जबकि ओमान ने बिना टोल के क्षेत्रीय व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति अभी तक नहीं बन सकी है, जिससे क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा।
