Rift in NATO: Trump Slams Allies for Refusing to Join Iran War
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) देशों से ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में अमेरिका का साथ देने की अपील की है। ट्रंप ने कहा है कि नाटो सहयोगियों को होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के प्रयासों में अमेरिका की मदद करनी होगी, अन्यथा उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया है जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इस कदम के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका के सहयोगी देश होर्मुज स्ट्रेट को खोलने में मदद नहीं करते हैं तो नाटो का भविष्य “बहुत बुरा” हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान संकट के कारण इस महीने के अंत में प्रस्तावित चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक भी टाली जा सकती है।
ट्रंप ने चीन पर भी इस मुद्दे पर सहयोग का दबाव बनाया है। उन्होंने कहा कि चीन को इस जलमार्ग को खोलने में अमेरिका की मदद करनी चाहिए, क्योंकि चीन को मिलने वाले करीब 90 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। उन्होंने कहा कि चीन की यात्रा से पहले वह बीजिंग का रुख जानना चाहते हैं और जरूरत पड़ने पर अपनी यात्रा आगे बढ़ा सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जिन देशों को इस समुद्री मार्ग से लाभ मिलता है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। ट्रंप ने पहले भी चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से अपील की थी कि वे अपने जहाज इस क्षेत्र में भेजकर टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करें।
हालांकि ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को ईरान के खतरे से मुक्त कराया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। ऐसे में अमेरिका अपने सहयोगियों पर दबाव बढ़ाता नजर आ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसकी चौड़ाई लगभग 54 किलोमीटर है। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद यहां समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है, जिससे कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।
