Tiger Attack Claims Life Of 8-Year-Old Boy, Villagers Stage Protest
ईसानगर में बाघ का कहर, 8 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
लखीमपुर खीरी। ईसानगर क्षेत्र में रविवार को बाघ के हमले में एक 8 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है, जबकि ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, बालक गांव के पास मौजूद था, तभी अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बाघ की मौजूदगी और गतिविधियों की जानकारी वन विभाग को दी जा रही थी, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने पहले ही कार्रवाई की होती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक आगे की कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और बाघ को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई गई है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और वन विभाग के अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं वन विभाग की टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने में जुटी हुई है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और ग्रामीण सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
