Tensions Rise in Strait of Hormuz: IRGC Firing Forces Indian Ships to Reroute, Questions Over Iran’s Control
तेहरान: से बड़ी खबर सामने आई है, जहां Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस अहम समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण और सख्त कर रहा है, जबकि अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी है।
ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी कड़े बयान सामने आए हैं। Mojtaba Khamenei ने कहा है कि ईरानी नौसेना किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस बीच स्थिति तब और गंभीर हो गई जब Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की ओर से जलडमरूमध्य में फायरिंग की घटना सामने आई। इसके बाद कई भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। भारत ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब कर विरोध दर्ज कराया।
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना पर भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने गहरी चिंता जताई है और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि कच्चे तेल और गैस लेकर आ रहे करीब 14 जहाजों के काफिले को IRGC ने रोका। इनमें से दो जहाजों पर गोलीबारी की गई, जिसके बाद 13 जहाजों को वापस लौटना पड़ा। इन जहाजों में कम से कम चार भारतीय तेल टैंकर भी शामिल थे।
एक भारतीय झंडा लगे जहाज पर बिना चेतावनी के गोलीबारी की गई, जिससे उसे नुकसान पहुंचा और उसे वापस लौटना पड़ा। हालांकि एक अन्य भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से आगे बढ़ गया है, जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहा है।
ब्रिटिश मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर के अनुसार, IRGC की गनबोट्स ने एक टैंकर पर गोलीबारी की, जबकि एक कंटेनर शिप को प्रक्षेपास्त्र से भी निशाना बनाया गया, जिससे कुछ कंटेनर क्षतिग्रस्त हो गए।
इस पूरे घटनाक्रम ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ईरान में वास्तविक नियंत्रण सरकार के पास है या फिर IRGC जैसे सैन्य संगठन स्वतंत्र रूप से फैसले ले रहे हैं।
फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और वैश्विक व्यापार के लिए अहम इस समुद्री मार्ग पर तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।
