Shahjahanpur: शाहजहांपुर में डीएपी की 60 बोरियों से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सहकारी संघ की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। दैनिक वेतनभोगी बताए जा रहे रोहित सिंह को प्रभारी सचिव का प्रभार दिए जाने को लेकर नियमों और प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि रोहित सिंह को प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी किस नियम और किस सक्षम अधिकारी के आदेश पर सौंपी गई। इसके साथ ही सहकारी संघ के सचिव नवनीत सक्सेना की भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि रोहित सिंह और सहकारी संघ के अध्यक्ष राहुल सिंह के बीच पारिवारिक संबंध हैं। ऐसे में नियुक्ति और प्रभार दिए जाने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
मामला अब केवल डीएपी की बोरियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सहकारी संघ में नियुक्तियों और प्रभार व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। संबंधित पक्षों का कहना है कि यदि नियमों की अनदेखी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
बाइट: शरद वीर सिंह, लेखाकार, कृषि विभाग।
