नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के मुद्दे को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र गहरे दर्द और निराशा में हैं तथा उन्हें प्रधानमंत्री की ओर से माफी नहीं, बल्कि न्याय और ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
नई दिल्ली में ‘वाइको इन पार्लियामेंट’ पुस्तक के लोकार्पण कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि देश के हर राज्य को अपनी भाषा, संस्कृति और इतिहास पर गर्व करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को स्वीकार नहीं करना चाहते।
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “आरएसएस भारत का इतिहास नहीं बदल सकता। भारत किसी को भी अपने इतिहास, संस्कृति और भाषाओं को रौंदने की अनुमति नहीं देगा।”
उन्होंने कहा कि तमिल, मराठी, बंगाली, मलयालम समेत सभी भारतीय भाषाएं और संस्कृतियां देश की पहचान हैं। किसी एक विचारधारा के आधार पर देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को परिभाषित नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी के अनुसार, छात्रों का विरोध केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की भाषाई, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधता के सम्मान का भी सवाल है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता में है और इसे कमजोर करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
