नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था या नहीं।
राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया, जिसके चलते सदन में जोरदार हंगामा हुआ। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 2:30 बजे तक और बाद में 3 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में केवल दो ही संभावनाएं हैं। उनके अनुसार, यदि गृह मंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया था तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को इस पूरे मामले पर सदन में आकर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर संसद में जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर सदन में अपनी बात रखना उनका अधिकार है।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण इतने गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है और राहुल गांधी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। रिजिजू ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष ने सदन की मर्यादा और विशेषाधिकारों का उल्लंघन किया है।
राहुल गांधी के आरोपों और सत्ता पक्ष के विरोध के चलते लोकसभा में लंबे समय तक राजनीतिक तनातनी का माहौल बना रहा। गृह मंत्री अमित शाह की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
