बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में कायाकल्प 2.0 योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों में तकनीकी खामियां सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
शहर के गंज क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक से टांगा स्टैंड तक निर्माणाधीन सड़क, नाली और रोड डिवाइडर के कार्यों का निरीक्षण करने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नवनीत पाण्डेय मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान रोड डिवाइडर की गुणवत्ता संदिग्ध दिखाई देने पर उन्होंने स्वयं हथौड़ी से उसकी जांच की।
जांच के दौरान डिवाइडर का प्लास्टर आसानी से झड़ गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी व्यक्त की और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर संबंधित एजेंसी से जवाब मांगा।
सीएमओ नवनीत पाण्डेय ने तत्काल संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्य का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश भी दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनता के धन से होने वाले सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप, मजबूत और टिकाऊ होने चाहिए।
सीएमओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी निर्माण कार्यों में इसी प्रकार की खामियां या अनियमितताएं पाई गईं, तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद निर्माण एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी गुणवत्ता की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग का समर्थन किया है।
फिलहाल मामले में ठेकेदार से जवाब मांगा गया है और तकनीकी परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
