Iran-US Talks Fail Could Lead to Nuclear Conflict?
वॉशिंगटन: से आई एक बड़ी चेतावनी ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक John Mearsheimer ने दावा किया है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक प्रयास असफल होते हैं, तो इजरायल अंततः ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर विचार कर सकता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब Pakistan की राजधानी Islamabad में United States और Iran के बीच शांति वार्ता होने जा रही है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी है।
प्रोफेसर मियरशाइमर की चेतावनी
वॉशिंगटन में आयोजित एक सम्मेलन में बोलते हुए John Mearsheimer ने कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव अमेरिका और इजरायल दोनों के लिए रणनीतिक चुनौती बन सकता है। उनका मानना है कि अगर इजरायल को यह महसूस होता है कि ईरान ने परमाणु क्षमता हासिल कर ली है, तो वह चरम कदम उठा सकता है।
मियरशाइमर, जो University of Chicago में प्रोफेसर हैं, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांत Offensive Realism के प्रमुख समर्थक माने जाते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, वैश्विक व्यवस्था में कोई सर्वोच्च शक्ति नहीं होती, इसलिए हर देश अपनी सुरक्षा के लिए शक्ति बढ़ाने की कोशिश करता है।
‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ बना बड़ा फैक्टर
मियरशाइमर ने Strait of Hormuz पर ईरान के प्रभाव को इस संघर्ष का अहम मोड़ बताया। उनके अनुसार, इस क्षेत्र पर नियंत्रण अमेरिका और इजरायल की सैन्य रणनीति की सीमाओं को उजागर करता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात और बिगड़े, तो यह संघर्ष परमाणु स्तर तक पहुंच सकता है, जो पूरी दुनिया के लिए बेहद खतरनाक होगा।
इजरायल-अमेरिका संबंधों पर टिप्पणी
मियरशाइमर ने Israel और अमेरिका के रिश्तों को “असाधारण रूप से करीबी” बताया। उन्होंने कहा कि कई बार अमेरिका की नीतियां उसके अपने रणनीतिक हितों से ज्यादा इजरायल के हितों के अनुरूप होती हैं।
उनका यह भी मानना है कि अमेरिकी राजनीति में इजरायल समर्थक लॉबी का प्रभाव इतना मजबूत है कि वॉशिंगटन के लिए इजरायल के खिलाफ जाना आसान नहीं होता।
पाकिस्तान में अहम शांति वार्ता
इस बीच, Pakistan में आज अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण बैठक हो रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi और संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत से पहले ईरान ने एक बार फिर Strait of Hormuz को बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तनाव और बढ़ गया है।
कुल मिलाकर, यह स्थिति बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक तरफ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, तो दूसरी ओर परमाणु टकराव की आशंका भी जताई जा रही है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि Islamabad में होने वाली यह वार्ता शांति का रास्ता खोलती है या तनाव को और बढ़ा देती है।
