Iran Downs 2 More US MQ-9 Reaper Drones, Total Hits 11; Concerns Rise Over India Deal
वॉशिंगटन: ईरान ने अमेरिकी सेना के दो और MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इसके साथ ही ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” के दौरान अब तक नष्ट हुए अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन की संख्या 11 तक पहुंच गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने ड्रोन के नुकसान की पुष्टि की है, हालांकि इनके गिरने के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक नष्ट हुए इन ड्रोनों की कुल लागत 330 मिलियन डॉलर से अधिक आंकी गई है। MQ-9 रीपर अमेरिका के उन्नत मानवरहित लड़ाकू ड्रोन में शामिल है, जिसका उपयोग निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन ड्रोन को अपेक्षाकृत कम वायु रक्षा वाले इलाकों के लिए डिजाइन किया गया था, जबकि आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम वाले देशों के खिलाफ इनकी प्रभावशीलता सीमित हो सकती है। इनकी गति भी लड़ाकू विमानों की तुलना में काफी कम होती है, जिससे इन्हें निशाना बनाना आसान हो सकता है।
इस घटनाक्रम का असर भारत पर भी पड़ सकता है। भारत ने अक्टूबर 2024 में अमेरिका के साथ करीब 4 बिलियन डॉलर (लगभग 32,000 करोड़ रुपये) की डील के तहत 31 MQ-9B ड्रोन खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे के तहत भारतीय नौसेना को 15 और वायुसेना व थल सेना को 8-8 ड्रोन मिलने हैं।
इन ड्रोन की क्षमता 40 घंटे से अधिक उड़ान भरने और लंबी दूरी तक निगरानी करने की है, जिससे चीन और पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भारत में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO) सुविधा भी स्थापित की जानी है।
