Harish Rana’s Euthanasia Case Complicated, May Take 15–30 Days; Doctors Proceed with Caution
गाजियाबाद/नई दिल्ली: गाजियाबाद के हरीश राणा का मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां इच्छामृत्यु (Euthanasia) को लेकर स्थिति जटिल बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली स्थित एम्स में डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम लगातार उनकी स्थिति का आकलन कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा हालत में यह तय करना मुश्किल है कि उनकी जीवन प्रक्रिया कब समाप्त होगी, इसलिए इच्छामृत्यु की प्रक्रिया में समय लग सकता है।
एम्स में डॉ. सीमा मिश्रा की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम हरीश राणा को फिलहाल पैलेटिव केयर दे रही है, जिससे उनकी तकलीफ कम की जा सके और जीवन के अंतिम चरण में उनकी गरिमा बनी रहे।
मामला क्यों है जटिल?
डॉक्टरों के अनुसार यह मामला सामान्य निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) से अलग है। आम तौर पर ऐसे मामलों में मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर होता है, जिसे हटाने की अनुमति दी जाती है।
लेकिन हरीश राणा लाइफ सपोर्ट पर नहीं हैं। वे खुद सांस ले रहे हैं, देख सकते हैं और उनके शरीर के कई अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इसी वजह से डॉक्टरों को हर पहलू का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना पड़ रहा है।
एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने भी कहा है कि इस तरह के मामलों में अत्यधिक सतर्कता जरूरी होती है, क्योंकि हर मरीज की स्थिति अलग होती है।
कितना समय लग सकता है?
डॉक्टरों का कहना है कि इच्छामृत्यु की प्रक्रिया का सटीक समय बताना संभव नहीं है। यदि आगे चलकर पोषण (न्यूट्रिशन) रोकने जैसे कदम उठाए जाते हैं, तो मरीज की शारीरिक स्थिति के आधार पर 15 दिन से लेकर एक महीने या उससे अधिक समय भी लग सकता है।
इस दौरान मेडिकल टीम लगातार निगरानी रखेगी और समय-समय पर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अंगदान की पहल
इस बीच हरीश राणा के परिवार ने मानवता का उदाहरण पेश करते हुए अंगदान का फैसला किया है। एम्स की टीम उनके शरीर के अंगों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर किडनी, दिल, पैंक्रियास और आंतों को दान के लिए संभावित माना गया है, यदि वे पूरी तरह स्वस्थ पाए जाते हैं।
इसके अलावा कॉर्निया और हार्ट वाल्व की भी जांच की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार सभी मेडिकल और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
