गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की जमानियां नगर पालिका परिषद में 4.08 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी अनुदान को लेकर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीजेपी एमएलसी विशाल सिंह चंचल के नाम का फर्जी लेटर पैड तैयार कर उनके नकली हस्ताक्षर किए गए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकार से अनुदान प्राप्त करने की कोशिश की गई।
इस मामले में एमएलसी के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक की शिकायत पर जमानियां नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एमएलसी प्रतिनिधि ने दर्ज कराई शिकायत
जमानियां कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से एमएलसी विशाल सिंह चंचल के नाम का फर्जी लेटर पैड तैयार किया। इन दस्तावेजों पर कथित रूप से एमएलसी के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए।
शिकायत में कहा गया है कि 10 जून 2026 की तारीख वाले पत्रों पर क्रमांक 45358 और 9484 अंकित थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के तहत 408.68 लाख रुपये (करीब 4.08 करोड़ रुपये) के सरकारी अनुदान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
नगर में लाइट और पोल लगाने का था प्रस्ताव
प्रस्तावित धनराशि से जमानियां नगर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था मजबूत करने के लिए मुख्य मार्गों पर 7 मीटर और 9 मीटर ऊंचे ऑक्टागोनल पोल एवं एलईडी लाइटें लगाए जाने का प्रस्ताव था।
बताया गया कि पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शासन स्तर से संबंधित पत्र की जानकारी एमएलसी कार्यालय तक पहुंची। इसके बाद एमएलसी कार्यालय ने नगर विकास मंत्री को पत्र भेजकर प्रस्तावित अनुदान पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
अपर पुलिस अधीक्षक अतुल सोनकर ने बताया कि 7 अगस्त को प्राप्त तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस अब फर्जी लेटर पैड, कथित नकली हस्ताक्षरों, शासन को भेजे गए दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए दस्तावेज किस स्तर तक भेजे गए।
फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की विवेचना जारी है।
