फिरोजाबाद के फारूकी गेट स्थित चूड़ी बाजार में आज यानी 17 सितंबर को उस समय हलचल बढ़ गई, जब स्थानीय दुकानदारों ने बाजार बंद कर अपनी नाराजगी जाहिर की। फारूकी गेट का यह इलाका लंबे समय से कारोबार और आपसी मेल-जोल के लिए जाना जाता है। यहां आसपास मुस्लिम समाज के दुकानदारों के साथ-साथ बहेलिया समुदाय के कुछ लोग भी फेरी लगाकर चूड़ी और अन्य सामान बेचते हैं। अलग-अलग समुदायों के लोग लंबे समय से यहां कारोबार करते आए हैं।
हालांकि, स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से बहेलिया समुदाय से जुड़े कुछ फेरीवालों के व्यवहार और दुकानों के सामने लंबे समय तक ठेले व फड़ लगाए जाने को लेकर परेशानी बढ़ रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी बात को लेकर कई बार कहासुनी की स्थिति भी बनी।
बताया जा रहा है कि 14 सितंबर को भी एक दुकानदार और कुछ फेरीवालों के बीच विवाद हुआ था।
इसी घटनाक्रम के बाद आज स्थानीय दुकानदारों ने बाजार बंद कर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान दुकानदारों और बहेलिया समुदाय से जुड़े कुछ फेरीवालों के बीच फिर अनबन की स्थिति बन गई।
मामला बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फारूकी गेट क्षेत्र के दो दुकानदारों को अपने साथ थाने ले गई। इसके बाद स्थानीय लोग भी थाने पहुंचे।
थाने में दोनों पक्षों की बात सुनी गई। दुकानदारों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं, वहीं फेरीवालों का पक्ष भी सुना गया। बातचीत के जरिए मामले को शांत करने और आगे विवाद की स्थिति न बनने देने का प्रयास किया गया।
दुकानदारों का कहना था कि अगर दुकानों के सामने ठेले और फड़ दोपहर 12 बजे तक लगे रहेंगे, तो स्थायी दुकानदारों की दुकानदारी प्रभावित होगी।
वहीं, प्रशासन की ओर से फेरीवालों को सुबह 10 बजे तक दुकानों के सामने से ठेले और फड़ हटा लेने की हिदायत दिए जाने की बात सामने आई है, ताकि दुकानदारों का कारोबार प्रभावित न हो और विवाद की स्थिति भी पैदा न हो।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोप किसी पूरे समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। मामला कुछ दुकानदारों और कुछ फेरीवालों के बीच बाजार में कारोबार और जगह के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
फारूकी गेट का बाजार तभी बेहतर तरीके से चल सकता है, जब स्थायी दुकानदारों की रोजी-रोटी, फेरीवालों की रोजी-रोटी और बाजार की व्यवस्था—तीनों के बीच संतुलन बना रहे।
अब प्रशासन की बातचीत और दी गई हिदायत के बाद उम्मीद है कि मामला शांत रहेगा और आगे ऐसी स्थिति नहीं बनेगी, जिससे बाजार बंद करने या पुलिस को हस्तक्षेप करने की नौबत आए।
रिपोर्ट: मो. तलहा
स्थान: फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश
