Father Seeks Justice In Married Woman’s Suspicious Death Case, Alleges Dowry Harassment
कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक कैमूर से न्याय की गुहार लगाई है। इस संबंध में चैनपुर निवासी शेख मुंन्नु ने गुरुवार को एसपी को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित पिता ने अपने आवेदन में बताया है कि उनकी पुत्री शिबा खातून की शादी 13 फरवरी 2021 को मोहनियां थाना क्षेत्र के मौजा पतलवां गांव निवासी शेख आसिफ के साथ हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही पति एवं ससुराल पक्ष के अन्य लोग दहेज की मांग को लेकर उनकी पुत्री को लगातार प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
परिजनों के अनुसार 14 जून 2026 की शाम फोन पर उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली। सूचना मिलने के बाद जब वे परिजनों के साथ ससुराल पहुंचे तो उनकी पुत्री मृत अवस्था में मिली। उसे समय ससुराल पक्ष के मौजूद नहीं थे,पिता का आरोप है कि मृतका के मुंह से खून निकल रहा था, जिससे उन्हें घटना पर संदेह हुआ।
घटना की सूचना पर मोहनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।
पीड़ित पिता ने बताया कि इस मामले में मोहनियां थाना कांड संख्या 437/2026 दर्ज है, लेकिन घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की ह.
मृतका के परिजनों का आरोप है कि शिबा खातून की तकिया से दबाकर हत्या की गई है। परिजनों का दावा है कि मृतका सात माह की गर्भवती थी तथा उसका एक दो वर्षीय बच्चा भी है। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
परिजनों ने गांव के मुखिया शकील मुखिया पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुखिया द्वारा उन पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तथा पैसे का लालच देकर सुलह कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने कहा कि उनकी बेटी की मौत हुई है और वे केवल न्याय चाहते हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि नामजद आरोपी अब भी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पुलिस द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों ने पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो सच्चाई सामने आ सकती है। परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।
