Dilapidated Road Troubles Farmers, Bhilkheda–Barwani Route in Crisis
बड़वानी। ग्राम भीलखेडा से बड़वानी को जोड़ने वाला कच्चा मार्ग इन दिनों किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस पर चलना तक मुश्किल हो गया है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है बल्कि कृषि कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और खेत दोनों यहीं स्थित हैं, लेकिन शहर तक पहुंचने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। जर्जर हालत के कारण इस मार्ग से कृषि उपकरण, खाद-बीज और फसल को लाना-ले जाना बेहद कठिन हो गया है। किसान रामलाल मुकाती के मुताबिक, खराब सड़क के चलते खेती का काम प्रभावित हो रहा है और समय पर जरूरी सामग्री नहीं पहुंच पा रही।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब यह कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील होकर पूरी तरह से बंद जैसा हो जाता है। इससे ग्रामीणों का शहर से संपर्क लगभग टूट जाता है।
इस समस्या का असर सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के अन्य लोग भी रोजमर्रा के कामों के लिए परेशान हैं। परिवहन की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा, बीमारों का इलाज और अन्य जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार जहां गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण पर जोर दे रही है, वहीं भीलखेडा गांव अब तक इस सुविधा से वंचित है। बताया जा रहा है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल और सांसद गजेंद्रसिंह पटेल द्वारा इस सड़क के निर्माण का मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि भीलखेडा से बड़वानी तक इस मार्ग का जल्द से जल्द डामरीकरण किया जाए। उनका कहना है कि सड़क बनने से न केवल खेती आसान होगी बल्कि गांव के लोगों को भी राहत मिलेगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
