Delhi Fire Tragedy: Most Victims Died Due To Suffocation, Several Remain Critical
दिल्ली: के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल है। हादसे में अधिकांश लोगों की मौत आग से झुलसने के बजाय धुएं और दम घुटने के कारण हुई है। वहीं कई घायल अब भी विभिन्न अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
घटना के बाद साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में कुल 39 लोगों को लाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जांच के दौरान 18 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में 9 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं। इनमें स्थानीय नागरिकों के साथ कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
मैक्स अस्पताल के सीएमएस डॉ. संदीप बुद्धिराजा ने बताया कि अधिकांश मरीज धुएं की चपेट में आने से प्रभावित हुए थे। घायलों में दम घुटने, मामूली जलन और फ्रैक्चर जैसी समस्याएं पाई गईं। अस्पताल में 15 मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया है, जिनमें से 8 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पांच मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे एक मरीज को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है।
हादसे के बाद अपने परिजनों की तलाश में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचते रहे। कई परिवारों को अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। मृतकों में विवेक अग्रवाल और उनके परिवार के पांच सदस्यों के अलावा उनके रिश्तेदारों की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सफदरजंग अस्पताल के बर्न विभाग के अनुसार मैक्स अस्पताल से रेफर किए गए एक मरीज के फेफड़ों पर गंभीर असर पड़ा है और वह वेंटिलेटर पर उपचाराधीन है। डॉक्टरों को उसके सिर में भी चोट होने की आशंका है। मरीज की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, हालांकि अस्पताल सूत्रों के अनुसार वह नाइजीरियाई मूल का हो सकता है।
वहीं एम्स दिल्ली के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में भी तीन लोगों को लाया गया, जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इनमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। एम्स में कुल 13 शव रखे गए हैं, जिनमें से छह का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायलों में 10 भारतीय नागरिक दिल्ली पुलिस के कर्मचारी हैं। इसके अलावा एक बांग्लादेशी महिला नागरिक का उपचार चल रहा है, जबकि दो अन्य बांग्लादेशी नागरिकों की हालत गंभीर बनी हुई है।
फिलहाल अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन घटना के कारणों की जांच में जुटा हुआ है।
