Dawood Aide Brought Back to India
नई दिल्ली: भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन Dawood Ibrahim के करीबी सहयोगी माने जाने वाले Salim Dola को तुर्की के Istanbul से भारत प्रत्यर्पित किया गया है। तुर्की की खुफिया एजेंसी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल उसे दिल्ली में Narcotics Control Bureau के आर.के. पुरम कार्यालय में रखा गया है, जहां से जल्द ही उसे मुंबई पुलिस को सौंपा जाएगा।
मुंबई के डोंगरी इलाके का रहने वाला डोला पिछले करीब एक दशक से विदेश में रहकर बड़े स्तर पर ड्रग तस्करी नेटवर्क चला रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह सांगली और सूरत से लेकर यूएई और तुर्की तक फैले नेटवर्क को अपने सहयोगियों के जरिए संचालित करता था। इसी नेटवर्क के जरिए मेफेड्रोन जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी।
1966 में मुंबई के भायखला में जन्मे डोला ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। उसकी नजदीकी अंडरवर्ल्ड डॉन Chhota Shakeel से रही, जो Dawood Ibrahim के डी-कंपनी का अहम सदस्य था। शुरुआत में वह गुटखा तस्करी में शामिल था, लेकिन धीरे-धीरे उसने गांजा और बाद में सिंथेटिक ड्रग्स के कारोबार में अपनी पकड़ बना ली।
2012 में उसे 80 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था, हालांकि बाद में कोर्ट से बरी हो गया। इसके बाद उसने कथित तौर पर कैलाश राजपूत के साथ मिलकर “बटन” नामक सिंथेटिक ड्रग का निर्माण शुरू किया, जो खतरनाक ओपिओइड फेंटेनाइल से बनाई जाती थी।
2018 में मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने उसे 100 किलो फेंटेनाइल के साथ फिर गिरफ्तार किया, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में सैंपल निगेटिव आने के बाद उसे चार महीने के भीतर जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद वह भारत छोड़कर यूएई भाग गया और वहां रियल एस्टेट कारोबार के जरिए अपने ड्रग नेटवर्क को आगे बढ़ाता रहा।
जांच एजेंसियों ने पिछले साल इंटरपोल की मदद से उसके बेटे और भतीजे को यूएई से डिपोर्ट किया था, जिससे उसके नेटवर्क को बड़ा झटका लगा। अब डोला की भारत वापसी को जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
