नई दिल्ली: नीट परीक्षा को लेकर जारी विवाद और कथित पेपर लीक मामलों के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों और अव्यवस्थाओं के कारण छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों के चलते अब तक 15 छात्रों ने आत्महत्या की है।
कांग्रेस नेताओं ने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
राहुल गांधी ने उठाया परीक्षा केंद्र आवंटन का मुद्दा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया के जरिए एक छात्र का मामला उठाया। उन्होंने दावा किया कि नागपुर के एक छात्र को NEET परीक्षा के लिए आबूधाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया।
राहुल गांधी के अनुसार, छात्र पिछले एक महीने से परीक्षा की तैयारी कर रहा था, लेकिन एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर उसे पता चला कि उसका सेंटर विदेश में है। उन्होंने कहा कि छात्र के पास न तो पासपोर्ट था और न ही परिवार के पास विदेश भेजने के संसाधन, जिसके कारण वह भारी तनाव में आ गया।
‘बच्चों के धैर्य की परीक्षा ले रही है व्यवस्था’
राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाएं परीक्षा प्रणाली की गंभीर खामियों को उजागर करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी छात्र को उसके शहर में परीक्षा केंद्र नहीं दिया जा सकता और उसे विदेश में केंद्र आवंटित हो जाता है, तो यह व्यवस्था की जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी छात्र को केंद्र आवंटन जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले भी छात्रों के बीच जाकर शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उठाया था। उनके मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक, मानसिक और समय का अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सके।
