Betul sees major legal crackdown; ‘No Helmet, No Mercy’ campaign causes panic
“बैतूल में कानून का बड़ा एक्शन, ‘नो हेलमेट-नो रहम’ अभियान से मचा हड़कंप, कलेक्टर-SP के सख्त निर्देश पर सरकारी दफ्तरों में चला विशेष अभियान,नियम तोड़ने वाले शासकीय कर्मचारी भी आए कार्रवाई की जद में,कलेक्टर कार्यालय और SP कार्यालय में काटे गए चालान,पहले चेतावनी, फिर सीधी कार्रवाई-लापरवाही पर नहीं कोई छूट, सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन का कड़ा संदेश-अब नियम तोड़ना पड़ेगा भारी”
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से सड़क सुरक्षा को लेकर एक बेहद सख्त और संदेशात्मक कार्रवाई सामने आई है, जहां प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि कानून के सामने कोई भी बड़ा या छोटा नहीं होता।
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के संयुक्त निर्देश पर आज 25 मार्च 2026 को कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर तृप्ति पटेरिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी की मौजूदगी में कोतवाली और गंज थाना पुलिस तथा यातायात अमले ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले शासकीय कर्मचारियों को चिन्हित कर सीधे चालानी कार्रवाई की गई।
कलेक्टर कार्यालय के 8 कर्मचारियों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के 6 पुलिस कर्मचारियों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई इसलिए भी खास रही क्योंकि पहले ही सभी कर्मचारियों को हेलमेट पहनना अनिवार्य करने के निर्देश दिए जा चुके थे, इसके बावजूद लापरवाही बरतने वालों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी गई।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल आम जनता के लिए नहीं, बल्कि शासकीय कर्मचारियों के लिए भी उतना ही अनिवार्य है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति यातायात नियमों का पालन कर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह के अभियान और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेंगे, ताकि जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक मजबूत और सकारात्मक वातावरण बनाया जा सके।
