बैतूल। साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम और लोगों को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बैतूल पुलिस ने ‘सेफ क्लिक 2.0’ राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया। अभियान के तीसरे दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने लोगों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने बाजारों, बैंकों, ग्राहक सेवा केंद्रों, बस स्टैंडों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान लोगों को यूपीआई फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लिंक, एपीके फाइल स्कैम, ओटीपी धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की जानकारी दी गई। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए।
पुलिस टीम ने बैतूल फिजिकल अकादमी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने या ऑनलाइन लेनदेन से पहले पूरी तरह सोच-समझकर निर्णय लें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है तो बिना देरी किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैतूल पुलिस का यह अभियान लोगों को डिजिटल रूप से जागरूक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
