बरेली। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जमीन विवाद से परेशान एक दंपती ने कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया। दंपती ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और होमगार्डों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित पकड़ लिया और बड़ा हादसा होने से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र के गांव चंद्रपुर बिचपुरी निवासी नरेश पाल सिंह अपनी पत्नी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। आरोप है कि अधिकारियों से अपनी समस्या के समाधान की गुहार लगाने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्टर के नीचे कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किया।
घटना के दौरान बचाव करते समय सब-इंस्पेक्टर ओमपाल सिंह की उंगली में चोट लग गई, जबकि होमगार्ड संदीप शर्मा पर ज्वलनशील पदार्थ के छींटे पड़े। एलआईयू के अमित कुमार, मुख्य आरक्षी कुसुम तथा अन्य पुलिसकर्मियों और होमगार्डों ने मिलकर दंपती को काबू किया। बाद में दोनों को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
पूछताछ में नरेश पाल सिंह ने बताया कि वह लंबे समय से जमीन विवाद के समाधान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने से मानसिक रूप से परेशान थे।
घटना के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साहस और तत्परता दिखाने वाले पुलिसकर्मियों एवं होमगार्डों की सराहना की। उन्होंने अमित कुमार (एलआईयू), ओमपाल सिंह, संदीप शर्मा, मुख्य आरक्षी कुसुम, राजपाल, पप्पू लाल, यादराम और धीरेंद्र पाल सिंह सहित सभी को 2,500-2,500 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
फिलहाल कोतवाली पुलिस दंपती से पूछताछ कर रही है और जमीन विवाद से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। साथ ही कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील परिसर में ज्वलनशील पदार्थ लेकर पहुंचने की घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
