Alleged Wheat Seed Distribution Scam Surfaces In Mandsaur, Farmers Deny Receiving Benefits
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र में बीजग्राम योजना के तहत गेहूं बीज वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दस्तावेजों में 100 किसानों को 80 क्विंटल प्रमाणित गेहूं बीज वितरित किए जाने का दावा किया गया है, जबकि कई किसानों का आरोप है कि उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। मामले को लेकर भ्रष्टाचार और दस्तावेजी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
जानकारी के अनुसार, मल्हारगढ़ की रेतम फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय बीज निगम को भेजे गए एक पत्र में उल्लेख किया गया है कि रबी सीजन 2025-26 के दौरान बीजग्राम योजना के तहत 34 गांवों के 100 किसानों को HI-8830 किस्म का प्रमाणित गेहूं बीज वितरित किया गया। दस्तावेजों के मुताबिक कुल 80 क्विंटल बीज वितरण किया गया और लाभार्थियों की सत्यापित सूची भी संबंधित विभाग को भेजी गई।
हालांकि, क्षेत्र के कई किसानों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें योजना के तहत कोई बीज प्राप्त नहीं हुआ। उनका आरोप है कि यदि वास्तव में वितरण हुआ है तो प्रशासन लाभार्थियों की सूची और प्राप्ति संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक करे।
किसानों का कहना है कि यदि उनके नाम पर बीज वितरण दिखाया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन किसानों को बीज नहीं मिला, उनके नाम लाभार्थियों की सूची में कैसे शामिल हो गए।
इस पूरे मामले ने बीजग्राम योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो यह सरकारी योजना में वित्तीय गड़बड़ी और दस्तावेजी हेराफेरी का गंभीर मामला बन सकता है।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किसानों के आरोपों और दस्तावेजों में किए गए दावों के बीच सच्चाई क्या है, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
