उत्तर प्रदेश के एटा जिले में रिजोर थाना पुलिस पर वसूली और कथित फर्जी गिरफ्तारी के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में एक भोजनालय संचालक ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भोजनालय संचालक प्रवीन का आरोप है कि थाना रिजोर में तैनात उपनिरीक्षक (SI) अमीर अहमद ने उनसे 15 हजार रुपये प्रतिमाह की कथित मांग की थी। उनका कहना है कि रकम नहीं देने पर पुलिस उन्हें भोजनालय से उठाकर ले गई।
शिकायतकर्ता का दावा है कि सामने आए सीसीटीवी फुटेज में उन्हें दोपहर 12:22 बजे भोजनालय से पुलिसकर्मियों के साथ ले जाते हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिस की एफआईआर में उनकी गिरफ्तारी दोपहर 3 बजे बिजलीघर के पास से दिखाई गई है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित का आरोप है कि वसूली का विरोध करने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि थाने में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना और जांच पूरी होना बाकी है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
रिपोर्ट: कुनाल सिंह सोलंकी
स्थान: एटा
