उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। गंगा का पानी अब कई गांवों, खेतों और संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के अनुसार, गंगा का जलस्तर लगातार 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। वर्तमान में नदी 61.890 मीटर के स्तर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
बढ़ते जलस्तर का असर रेवतीपुर क्षेत्र के हसनपुरा, नसीरपुर, नगदिलपुर और वीरऊपुर गांवों में दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच चुका है। वहीं, रेवतीपुर से मां कामाख्या धाम जाने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया है। नगदिलपुर स्थित मंदिर के चारों ओर पानी भर जाने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बाढ़ के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में खड़ी फसलें और पशुओं के लिए रखा चारा भी पानी में डूब गया है। कई ग्रामीण अपनी बची हुई सब्जियों और फसलों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में जलभराव के कारण आवागमन भी प्रभावित होने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की वजह से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ रहा है। दूसरी ओर प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण करने तथा गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और लोगों से सतर्क रहने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।
