इटावा: इटावा पुलिस ने किसानों और व्यापारियों को सस्ते दामों पर अनाज, बीज और कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल की जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामले का खुलासा मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी इंडिया मार्ट पोर्टल पर अपनी फर्म का पंजीकरण कराकर व्यापारियों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद पोर्टल पर पंजीकृत अन्य व्यापारियों के मोबाइल नंबर हासिल कर उनसे संपर्क करते और सस्ते दामों पर अनाज, बीज तथा अन्य कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने का झांसा देकर सौदे तय करते थे।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी सामान भेजने के नाम पर ग्राहकों से कुल राशि का लगभग आधा हिस्सा एडवांस के तौर पर अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे। रकम मिलते ही वे संपर्क तोड़ देते और दूसरे व्यापारियों व किसानों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाते थे। पुलिस के मुताबिक, शिकायत करने वाले कुछ पीड़ितों को आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
जांच में सामने आया कि गिरोह देश के कई राज्यों में किसानों और व्यापारियों को अपना शिकार बना चुका है। ऑनलाइन शिकायतों के आधार पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें गिरोह के नेटवर्क और बैंक खातों का पता चला।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ठगी के लिए करीब 20 बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। जांच के दौरान इन खातों को फ्रीज/बंद करा दिया गया है। पुलिस के अनुसार, जब आरोपियों पर दबाव बढ़ा तो उन्होंने कुछ पीड़ितों की रकम भी वापस कर दी थी।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी की कुल रकम और नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
