सीतापुर। किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने सिधौली तहसील के विकासखंड कसमंडा स्थित उर्वरक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खाद के भंडारण, स्टॉक और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत मैसर्स साधन सहकारी समिति लिमिटेड, कसमंडा से हुई। यहां उर्वरकों का रख-रखाव संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने समिति के सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम ने मैसर्स श्रेष्ठ इंडिया कंपनी, भंडिया का निरीक्षण किया। यहां पॉस (POS) मशीन में दर्ज स्टॉक का मौके पर उपलब्ध उर्वरक से मिलान किया गया, जो सही पाया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर 663 बोरी यूरिया उपलब्ध मिली।
किसान से फोन पर की पुष्टि
जिलाधिकारी ने बिक्री पंजिका में दर्ज एक किसान से फोन पर बात कर खाद मिलने की जानकारी ली। किसान ने बताया कि उसे 270 रुपये प्रति बोरी की निर्धारित सरकारी दर पर यूरिया उपलब्ध कराई गई है।
उर्वरक विक्रेताओं को दिए सख्त निर्देश
डीएम ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि किसानों की फार्मर आईडी का सत्यापन करने के बाद उनकी फसल के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक वितरित किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि—
- बिक्री पंजिका में प्रत्येक किसान का पूरा विवरण दर्ज किया जाए।
- उर्वरक की दर एवं सरकारी अनुदान संबंधी जानकारी का स्पष्ट बोर्ड लगाया जाए।
- उपलब्ध स्टॉक की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए।
- प्रत्येक किसान को उर्वरक खरीदने के बाद कैश रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
