सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के तलाबीरा-II कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। अदालत ने विशेष जज द्वारा जारी समन को रद्द करते हुए CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली, जिससे करीब 11 साल पुराने इस मामले का अंत हो गया।
यह मामला UPA सरकार के कार्यकाल के दौरान हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को तलाबीरा-II कोल ब्लॉक के कथित अनियमित आवंटन से जुड़ा था। उस समय डॉ. मनमोहन सिंह के पास प्रधानमंत्री के साथ-साथ कोयला मंत्रालय का भी अतिरिक्त प्रभार था।
वर्ष 2015 में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट के बावजूद डॉ. मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला, पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारख और अन्य के खिलाफ समन जारी किया था। हालांकि, डॉ. मनमोहन सिंह ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, यह कहते हुए कि जांच एजेंसी को अभियोजन योग्य कोई सबूत नहीं मिला था, इसलिए ट्रायल कोर्ट का आदेश उचित नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2015 में ही ट्रायल कोर्ट के समन पर रोक लगा दी थी। यह मामला एक दशक से अधिक समय तक लंबित रहा। दिसंबर 2024 में डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर 2024 को 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। उनका अंतिम संस्कार नई दिल्ली में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था।
