कीव। यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष के बीच काला सागर में फंसे मालवाहक जहाज एमवी ओमोर्फी (MV Omorfi) पर सवार 13 भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इंडियन सीमेन यूनियन ने भारत सरकार से नाविकों की सुरक्षित निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
यूनियन का कहना है कि जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है। ऐसे हालात में जहाज पर मौजूद भारतीय नाविक हर समय भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं।
इंडियन सीमेन यूनियन ने बयान जारी कर कहा कि जहाज के आसपास बार-बार हमले की कोशिशें हो रही हैं और क्रू के सदस्य किसी भी समय सीधे हमले की आशंका से डरे हुए हैं। यूनियन लंबे समय से विदेशों में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाती रही है।
गौरतलब है कि 18 जुलाई 2026 को काला सागर में एमवी ओमोर्फी पर मिसाइल और ड्रोन से हमला हुआ था। इस हमले में एक भारतीय मर्चेंट नेवी अधिकारी की मौत हो गई थी। उस समय जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत रूसी समुद्री क्षेत्र के पास से गुजर रहा था।
इस घटना के बाद भारत सरकार ने यूक्रेन के राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। वहीं, यूक्रेन ने दावा किया था कि जहाज रूस के लिए हथियार लेकर जा रहा था। हालांकि, रूस ने इस दावे से इनकार किया है।
फिलहाल जहाज पर मौजूद 13 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों और लगातार मंडराते ड्रोन एवं मिसाइलों के खतरे के कारण राहत अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारतीय नाविकों के परिजन और सीमेन यूनियन उनकी जल्द और सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।
