गुवाहाटी। असम में बाढ़ की भीषण तबाही के बीच इंसानियत की एक मिसाल सामने आई है। राज्य के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल शिवसागर में स्थित चंटक बर मस्जिद (Chantak Bor Masjid) की प्रबंधन समिति ने बाढ़ पीड़ित महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए मस्जिद के दरवाजे खोल दिए हैं।
असम में लगातार बारिश और बाढ़ के कारण हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर, जोरहाट और चराईदेओ शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों के घर जलमग्न हो गए हैं। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है।
ऐसे मुश्किल समय में चंटक बर मस्जिद समिति ने राहत कार्यों में सहयोग करते हुए बाढ़ प्रभावित महिलाओं और बच्चों को मस्जिद परिसर में ठहराने का फैसला लिया। स्थानीय लोगों ने इस कदम को मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। भोजन, दवाइयों और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था के लिए विभिन्न संगठन लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं।
चंटक बर मस्जिद समिति का यह फैसला भी इसी मानवीय प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है, जिसने आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने का संदेश दिया है।
