उज्जैन: मध्यप्रदेश के उज्जैन में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर तीन संरक्षित सियारों की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी के मोबाइल फोन में मिले वीडियो के आधार पर पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामला जीवाजीगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने एक अन्य प्रकरण में हिरासत में लिए गए आरोपी मिथुन, पिता राजू, के मोबाइल फोन की जांच की। जांच के दौरान मिले तीन वीडियो में आरोपी सियारों को उनके प्राकृतिक आवास से पकड़कर उनकी बेरहमी से हत्या करता दिखाई दिया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की जांच में पुष्टि हुई कि वीडियो में दिखाई देने वाले वन्यजीव सियार हैं, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने तीन सियारों की हत्या करना स्वीकार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसने तंत्र-मंत्र और कथित सिद्धि प्राप्त करने जैसे अंधविश्वास के चलते इस वारदात को अंजाम दिया।
वन विभाग ने आरोपी के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाकर वन्यजीवों के अवशेष और अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। साथ ही यह जांच की जा रही है कि इस अवैध शिकार में आरोपी अकेला शामिल था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति अथवा गिरोह भी जुड़ा हुआ था।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित गैर-जमानती धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर वन्यजीवों के शिकार जैसी गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें और ऐसी किसी भी जानकारी की तत्काल वन विभाग या पुलिस को दें।
