US and Iran Sign Peace Agreement, Tehran Says ‘Time to Test Implementation’
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता, अब क्रियान्वयन पर नजर
वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अमेरिका और ईरान ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि एक अमेरिकी अधिकारी ने की है।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के बाद Emmanuel Macron के साथ रात्रिभोज के दौरान ट्रंप ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के बाद अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर की पुष्टि की है।
ईरान ने भी दी आधिकारिक पुष्टि
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने बताया कि समझौता ज्ञापन के मसौदे को दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षरों के साथ अंतिम रूप दे दिया गया है।
उन्होंने कहा, “अब समझौते के कार्यान्वयन और उसकी प्रभावशीलता को परखने का समय है।”
जिनेवा बैठक तय कार्यक्रम के अनुसार
हालांकि मूल रूप से इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के Geneva में होने थे, लेकिन तेहरान ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित बैठक अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी। माना जा रहा है कि बैठक में समझौते के व्यावहारिक पहलुओं और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य भी समझौते का हिस्सा
ईरान की संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ताओं में Strait of Hormuz से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया है।
उनके अनुसार, जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए सेवा शुल्क भुगतान व्यवस्था को समझौता ज्ञापन का हिस्सा बनाया गया है, जिससे समुद्री व्यापार और आवागमन को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
क्षेत्रीय स्थिरता की ओर बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता मध्य पूर्व में तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हो सकता है। हालांकि इसकी वास्तविक सफलता समझौते के क्रियान्वयन और दोनों देशों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि यह समझौता जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।
