Avalanche Alert Issued for 5 Districts in Uttarakhand
नई दिल्ली।हिमालयी क्षेत्रों में हालिया बर्फबारी के बाद उत्तराखंड के पांच पर्वतीय जिलों में हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग और राज्य आपातकालीन एजेंसियों ने इसे देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में जहां भारी बर्फबारी दर्ज की गई है, वहीं देहरादून समेत निचले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हुई है, जिससे बर्फ खिसकने की आशंका और बढ़ गई है।
हिमस्खलन पहाड़ों या ढलानों से बर्फ और मलबे के तेज बहाव को कहा जाता है, जो जान-माल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इसका असर केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मैदानी क्षेत्रों के मौसम पर भी पड़ता है। भारी बर्फबारी और हिमस्खलन की परिस्थितियों के चलते उत्तर भारत, खासकर दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ने, घने कोहरे और बारिश की संभावना जताई जा रही है। पर्वतीय इलाकों में बर्फ जमने से मैदानी क्षेत्रों के तापमान में तेज गिरावट देखी जा सकती है।
इन 5 जिलों में खतरा अधिक
उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को डेंजर लेवल-2 में रखा गया है, जहां हिमस्खलन की संभावना अधिक मानी जा रही है। वहीं पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों को डेंजर लेवल-1 में शामिल किया गया है। यह चेतावनी सोमवार शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी।
यह अलर्ट चंडीगढ़ स्थित डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टैब्लिशमेंट (DGRE) के पूर्वानुमान के आधार पर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ताजा बर्फ जमा होने से विशेष रूप से उन इलाकों में खतरा बढ़ गया है, जहां पहले भी हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं।
लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
बर्फीले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने, मौसम से जुड़ी अपडेट पर लगातार नजर रखने और घरों, अस्थायी आश्रयों व पशुशालाओं की छतों से बर्फ हटाने की सलाह दी गई है। भारी बर्फबारी वाले इलाकों में अस्थायी रूप से रह रहे लोगों से सुरक्षित और निचले क्षेत्रों में जाने का भी आग्रह किया गया है।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
सभी संबंधित जिला प्रशासनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जारी की गई एडवाइजरी स्थानीय निवासियों, ट्रैकर्स और पर्यटकों तक समय रहते पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जिला आपदा प्रबंधन टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
