Trump Announces Date for Full Reopening of Strait of Hormuz After US-Iran Peace Deal
वॉशिंगटन/पेरिस: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद दोनों देशों के बीच शांति समझौते का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों ने एक शांति समझौते के फ्रेमवर्क पर डिजिटल हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर शुक्रवार को जेनेवा में किए जाएंगे।
इस समझौते के बाद सबसे अधिक चर्चा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हो रही है। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार यह रणनीतिक समुद्री मार्ग आंशिक रूप से फिर से खुल चुका है और 19 जून से इसे पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
फ्रांस में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत में कहा कि तेल और अन्य सामान ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समुद्री मार्ग को खुला रखने के लिए अतिरिक्त सैन्य सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
ट्रंप ने बताया कि फिलहाल यह सुनिश्चित करने के लिए जांच की जा रही है कि समुद्री रास्ते में कहीं बारूदी सुरंगें या अन्य सुरक्षा खतरे मौजूद न हों। उन्होंने कहा कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार से होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य संचालन के लिए खोल दिया जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ हुए समझौते को एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ईरान अब परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेहरान में नए नेतृत्व के साथ अमेरिका के संबंध बेहतर हो रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। जेनेवा में होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके परिणाम का असर वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बना दबाव कम होगा और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में भी स्थिरता देखने को मिल सकती है।
