Questions Raised Over Shravasti Encounter
श्रावस्ती: Shravasti के चर्चित भिनगा एनकाउंटर मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जिस कार्रवाई को लेकर पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ और मुठभेड़ का दावा किया था, उसी मामले में अब अदालत ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार 20 मई 2026 को कोतवाली भिनगा क्षेत्र के जंगल में अवैध हथियार बनाने की सूचना पर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त दबिश दी थी। पुलिस का दावा था कि मौके पर बदमाशों ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में साबिर उर्फ डंके घायल हो गया, जबकि दूसरा आरोपी भागते समय घायल हुआ।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने देशी पिस्तौल, निर्मित और अर्धनिर्मित तमंचे, कारतूस, हथियार बनाने के उपकरण, मशीनें, मोबाइल फोन, बाइक और नकदी बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा था कि गिरोह अवैध हथियारों की सप्लाई करता था और मामले में नेपाल कनेक्शन की भी जांच की जा रही थी।
हालांकि अब आरोपी पक्ष की ओर से पूरे मामले पर सवाल उठाए गए हैं। आरोपी साबिर उर्फ डंके की ओर से अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पहले गिरफ्तारी की गई और बाद में गोली मारकर मुठभेड़ का रूप दिया गया।
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता संजय सिंह ने दावा किया कि जब आरोपी को रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया, तब उसने वही कपड़े पहन रखे थे जो कथित एनकाउंटर के दौरान पहने होने की बात कही गई थी। इसके बाद पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम भिनगा विनीत कुमार यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। अब यह मामला डीआईजी, एसपी, जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गया है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है कि पुलिस की कार्रवाई सही थी या आरोपी पक्ष के आरोपों में सच्चाई है।
