Fake Plot Scam in Gwalior: Case Filed Against Former CREDAI President and Five Others for Land Fraud
ग्वालियर में जमीन के बदले फर्जी प्लॉट थमाकर संपत्ति हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने क्रेडाई के अध्यक्ष रह चुके अतुल अग्रवाल सहित कुल छह लोगों के खिलाफ जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता राजेश मंसल ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनकी शंकरपुर कीमती जमीन के बदले सिटी सेंटर में फर्जी प्लॉट देने का झांसा दिया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल फरियादी राजेश मंगल ने आरोप लगाया है कि भूखंड क्रमांक 165-ए को लेकर प्रमोद अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, अनिल गुप्ता, राजीव गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और राहुल अग्रवाल ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का नामांतरण और विक्रय किया। सिटी सेंटर क्षेत्र की यह जमीन पहले राजेंद्र गृह निर्माण सहकारी समिति से जुड़ी बताई गई।
वर्ष 2008-09 में भूखंड के बदले भूखंड देने के लिए दस्तावेज बनाए। इसके बाद नामांतरण की प्रक्रिया में लीज डीड और अन्य दस्तावेज लगाए गए। जिन्हें फरियादी ने फर्जी बताया है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर भूखंड का नाम पहले प्रमोद अग्रवाल, फिर अन्य व्यक्तियों के पक्ष में दर्ज कराया गया और बाद में विक्रय पत्र भी तैयार हुआ।
इस बात का खुलासा होने के बाद मामला कोर्ट में पहुंचा और कोर्ट के आदेश के बाद फरियादी की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का नामांतरण और विक्रय किया है। मामले की जांच एसआई मोहिनी वर्मा को सौंपी गई है।
पुलिस अब नामांतरण रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, लीज डीड, सहकारी समिति के दस्तावेज और संबंधित विभागों से बनाए गए दस्तावेजों की जांच करेगी। यह मामला सिर्फ एक जमीन विवाद नहीं, बल्कि नामांतरण और रजिस्ट्री प्रक्रिया की कानूनी खामियों को उजागर करता है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने राजेश मंगल से शंकरपुर व सिटी सेंटर स्थित जमीन की एक्सचेंज की डील की थी।
बाद में आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज से भूखंड के नामांतरण और विक्रय कर लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
