Iran War Pushes U.S. Defense Budget Surge, Trump Seeks $1.5 Trillion
नई दिल्ली। अमेरिका और इज़रायल का ईरान के साथ जारी युद्ध एक महीने पूरा कर चुका है। इसी बीच Donald Trump और NATO सहयोगियों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। शुक्रवार को ट्रंप ने NATO देशों को चेतावनी दी कि यदि वे इस युद्ध में अमेरिका को सैन्य और भौतिक समर्थन नहीं देते हैं, तो अमेरिका भी गठबंधन की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को निभाने के लिए बाध्य नहीं होगा।
दरअसल, ट्रंप यूरोपीय NATO देशों के इस रुख से नाराज़ हैं कि उन्होंने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध में अमेरिका को सहयोग देने से इनकार कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के लिए NATO में बने रहना कोई मजबूरी नहीं है और अब उन्हें अपने सहयोगियों के साथ खड़े रहने की आवश्यकता महसूस नहीं होती।
ट्रंप के इस बयान ने ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन की नींव माने जाने वाले पारस्परिक रक्षा समझौतों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि फरवरी में अमेरिका ने ईरान पर हमले का फैसला अपने यूरोपीय सहयोगियों से बिना परामर्श किए लिया था। इस कदम की NATO के कई नेताओं ने आलोचना की थी। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहता है, लेकिन अब उनके व्यवहार को देखते हुए यह जरूरी नहीं रह गया है।
