Row Over Arrest of 6 Ukrainians in Mizoram, Kyiv Seeks Consular Access
कीव/नई दिल्ली: मिजोरम में छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यूक्रेन ने इस मामले पर आपत्ति जताते हुए भारत से अपने नागरिकों को कॉन्सुलर एक्सेस देने और उनकी रिहाई की मांग की है।
इन नागरिकों को अवैध रूप से मिजोरम में प्रवेश करने और म्यांमार सीमा पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनके साथ एक अमेरिकी नागरिक को भी हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों को 16 मार्च को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 मार्च तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अभी तक ऐसे कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं, जो यह साबित करें कि गिरफ्तार नागरिक किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे। मंत्रालय ने कुछ मीडिया रिपोर्टों को भ्रामक बताते हुए कहा कि उनमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, भारत में उनके दूतावास ने अदालत की कार्यवाही के दौरान कानूनी सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन हिरासत में लिए गए नागरिकों से सीधे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
यूक्रेन ने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत भारत को गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
इस मामले को लेकर भारत में यूक्रेन के राजदूत ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर विरोध पत्र सौंपा और तत्काल कॉन्सुलर एक्सेस देने की मांग दोहराई।
यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण उनके नागरिकों से अनजाने में नियमों का उल्लंघन हो सकता है। वहीं, भारतीय एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।
