Turkey Accelerates 60,000-Ton ‘Mugem’ Aircraft Carrier Amid Rising Tensions with Israel
Turkey ने अपने महत्वाकांक्षी ‘मुगेम’ एयरक्राफ्ट कैरियर प्रोजेक्ट को तेज कर दिया है। Recep Tayyip Erdoğan के नेतृत्व में सरकार ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अब इस विशाल विमानवाहक पोत को 2028 के बजाय 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि प्रारंभिक चरणों में इसके ढांचे को पहले ही तय समय से पहले पूरा करने की योजना है।
करीब 60,000 टन वजनी और लगभग 285 मीटर लंबा यह एयरक्राफ्ट कैरियर तुर्की का अब तक का सबसे बड़ा नौसैनिक प्लेटफॉर्म होगा। आकार और क्षमता के मामले में यह Charles de Gaulle aircraft carrier से भी आगे निकल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना के जरिए तुर्की भूमध्य सागर और आसपास के क्षेत्रों में अपनी सैन्य मौजूदगी और प्रभाव बढ़ाना चाहता है। यह कैरियर एक साथ लगभग 60 लड़ाकू विमानों को संचालित करने में सक्षम होगा और इसमें शॉर्ट टेक-ऑफ सिस्टम की सुविधा भी होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के साथ बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय समीकरणों में बदलाव के चलते तुर्की अपनी नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने पर खास ध्यान दे रहा है। ग्रीस और साइप्रस के साथ इजरायल की बढ़ती साझेदारी भी अंकारा के लिए चिंता का विषय बन रही है, जिससे तुर्की को पूर्वी भूमध्य सागर में अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत महसूस हो रही है।
तुर्की इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर आधुनिक तकनीक से लैस स्टील्थ ड्रोन और फाइटर जेट्स तैनात करने की भी योजना बना रहा है। इसमें Kizilelma ड्रोन, Hurjet हल्के लड़ाकू विमान और ‘कान’ स्टील्थ फाइटर जेट के नौसैनिक संस्करण को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा Bayraktar TB3 ड्रोन को भी इस प्लेटफॉर्म पर ऑपरेट करने की तैयारी है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट तुर्की की रणनीतिक ताकत को बढ़ाएगा और संभावित खतरों के खिलाफ एक मजबूत रक्षा कवच के रूप में काम करेगा।
इसके साथ ही तुर्की ने उत्तरी अफ्रीका और ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ क्षेत्र—खासतौर पर लीबिया, सूडान और सोमालिया—में भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है। ऐसे में यह एयरक्राफ्ट कैरियर न सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रतीक होगा, बल्कि इन क्षेत्रों में तुर्की के आर्थिक और रणनीतिक हितों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
कुल मिलाकर, तुर्की का यह कदम क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती सैन्य महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
