Truth Behind Bargi Dam Cruise Sinking in Jabalpur Revealed, Number of Passengers Allegedly Concealed
मध्य प्रदेश: के जबलपुर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर बरगी बांध में एक पर्यटक क्रूज़ डूब गया इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री ने मृतकों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है और साथ ही गहरा दुख जताया है फिलहाल अभी भी कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
गुरुवार शाम मौसम अचानक बदला, तेज हवाएं चलीं, और देखते ही देखते बरगी बांध का शांत पानी खतरनाक हो गया। इसी दौरान पर्यटकों से भरा एक क्रूज़ हवाओं के थपेड़ों के बीच संतुलन खो बैठा, और कुछ ही पलों में पानी में समा गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, चीख-पुकार मदद की गुहार और हर तरफ सिर्फ डर का माहौल।

शुरुआती जानकारी में कहा गया कि क्रूज़ में 25 से 30 लोग सवार थे लेकिन अब इस कहानी का दूसरा पहलू सामने आ रहा है। क्रूज़ में मौजूद एडवोकेट रोशन आनंद ने जो बताया-वो सीधे-सीधे लापरवाही की ओर इशारा करता है। उनके मुताबिक यात्रियों को चढ़ते समय लाइफ जैकेट नहीं दी गई, जबकि जैकेट्स क्रूज़ के अंदर मौजूद थीं।
यानी सुरक्षा के इंतजाम कागजों में थे जमीन पर नहीं। इतना ही नहीं सबसे चौंकाने वाला दावा क्रूज़ में 60 से 65 लोग सवार थे, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे। अगर ये सच है, तो सवाल सिर्फ हादसे का नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही का है।
गुरुवार शाम करीब 6 बजे जब तूफानी हवाएं और तेज हुईं तभी हालात बेकाबू हो गए। और इसी बीच एक और आरोप सामने आया, कि क्रूज़ का कप्तान खतरा बढ़ते ही यात्रियों को छोड़कर खुद कूद गया। अगर ये बात जांच में सही पाई जाती है, तो ये सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि जिम्मेदारी से भागने का मामला बनता है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। अंधेरा, तेज हवा, और गहराता पानी, इन सबके बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया लेकिन कुछ लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है,और कई परिवार अब भी अपने अपनों का इंतजार कर रहे हैं।
अब सवाल लगातार खड़े हो रहे हैं
क्या क्रूज़ में सवार लोगों की संख्या छुपाई जा रही है?
क्यों नहीं दिए गए लाइफ जैकेट?
क्या मौसम खराब होने के बावजूद क्रूज़ को जाने की इजाजत दी गई?
और सबसे बड़ा सवाल
जब खतरा बढ़ा तो जिम्मेदार लोग कहां थे?
ये हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं
बल्कि कई स्तर पर हुई चूक का नतीजा लग रहा है।
