प्रधानमंत्री Narendra Modi तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंच गए हैं। यह पिछले 11 वर्षों में उनका इस द्वीप राष्ट्र का दूसरा दौरा है। वे सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के आमंत्रण पर वहां गए हैं।
29 जून को वे सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी भाग लेंगे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा सहयोग को दर्शाता है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वे सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे और वहां रह रहे भारतीय मूल के समुदाय से मुलाकात करेंगे।
सेशेल्स की आबादी लगभग 1.35 लाख है, जिसमें करीब 12 हजार भारतीय मूल के लोग रहते हैं, यानी लगभग 8–9 प्रतिशत हिस्सा।
भारत और सेशेल्स के संबंधों में यह यात्रा खास मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले लंबे समय तक किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस देश का दौरा नहीं किया था। इससे पहले 1976 में इंदिरा गांधी ने सेशेल्स की यात्रा की थी।
इस दौरे के दौरान भारत द्वारा तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। भारत ने सेशेल्स को एक अतिरिक्त डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा भी की है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी क्षमता बेहतर होगी।
यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
