Officials Absent From Public Grievance Camp, Action Likely
मंगलौर। रुड़की के मंगलौर नगर पालिका परिषद परिसर में आयोजित लोक समस्या निवारण शिविर में कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई। आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में अपेक्षित संख्या में अधिकारी नहीं पहुंचने से कई लोगों को निराशा का सामना करना पड़ा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों से जुड़ी जन समस्याओं का मौके पर निराकरण करना था। इसके लिए कुल 23 विभागों के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कार्यक्रम में केवल 17 विभागों के प्रतिनिधि ही उपस्थित रहे। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण कई शिकायतकर्ताओं को अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के समक्ष रखने का अवसर नहीं मिल सका।
कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती फरजाना बेगम ने इस पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ऐसे में जनसुनवाई कार्यक्रमों से अधिकारियों का अनुपस्थित रहना गंभीर विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना उचित कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं होने वाले अधिकारियों की जानकारी संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
शिविर में पहुंचे लोगों ने भी उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में सभी विभागों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जिससे आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
फिलहाल प्रशासन की ओर से अनुपस्थित अधिकारियों के संबंध में रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है और भविष्य में जनसमस्याओं के समाधान के लिए आयोजित कार्यक्रमों को कितना प्रभावी बनाया जा सकेगा।
