लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सामने आई तस्वीरों के बाद राहत कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खैरटिया क्षेत्र के नए पिंड के ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन के राहत संबंधी दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। उनका आरोप है कि राहत के नाम पर केवल लइया-दाना वितरित किया गया, जबकि उनकी मूलभूत समस्याएं अब भी बरकरार हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आवागमन, रहने और दैनिक जरूरतों से जुड़ी परेशानियां लगातार बनी हुई हैं।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने केवल बांध और कटान वाले हिस्से का निरीक्षण किया तथा नए पिंड में जाकर प्रभावित लोगों का हालचाल नहीं जाना।
हालांकि, इन आरोपों की प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का वास्तविक आकलन कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और प्रभावी बनाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता समय पर मिल सके।
फिलहाल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और राहत कार्यों को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
रिपोर्टर : अतीक शेख
स्थान : लखीमपुर खीरी
