बांदा। यूपी के बाँदा और मध्यप्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब बांदा में आफत का सबब बनती दिख रही है, केन की सहायक चंद्रावल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से इलाके में हड़कंप मच गया है, पैलानी तहसील क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांवों और मजरों में रहने वाली हजारों की आबादी बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित हुई है, आवागमन पूरी तरह ठप हो चुका है और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर जुगाड़ू नावों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं।
आपको बता दें कि बांदा के पैलानी तहसील में चंद्रावल नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है, नदी में आए उफान के कारण अमारा संपर्क मार्ग और नादादेव संपर्क मार्ग के रपटे जलमग्न हो चुके हैं, खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, हर साल बरसात के तीन महीनों तक दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है, और आवागमन के लिए सिर्फ बचती है जुगाड़ू नावे, हर साल दशकों से चली आ रही इस भयानक समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से चंद्रावल नदी पर एक बड़े पक्के पुल के निर्माण की पुरजोर मांग भी की है।
वहीं इस मामले में एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि प्रशासन ने यमुना और केन की संभावित बाढ़ को लेकर पूरी तैयारी कर रखी है,चंद्रावल नदी की जद में आए अवांरा संपर्क मार्ग के रपटे और पड़ोहरा नांदादेव संपर्क मार्ग के रपटे की स्वयं जलशक्ति मंत्री रामकेश निषाद और जिलाधिकारी बांदा सहित उन्होंने मौके पर जाकर जांच की है और शासन को रिपोर्ट भेज दी है, बड़ा पुल बनाए जाने को लेकर प्रयास किया जा रहा है।
